Tuesday, January 18, 2011

भिखारियों का गाँव



इसे विडंबना कह लीजिये या फिर हमारे सरकारों की लापरवाही कि. आज भी एक गाँव ऐसा है.जहाँ विकास की रोशनी की बाट वहां की जनता जोह रही है.जहाँ के बच्चे स्कूल इसलिए नहीं जाते क्योकि अगर वे स्कूल चले गए तो रात में भूखे सोना पड़ेगा,वहां के लोगो को आज भी प्यास बुझाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है.वहां के लोगो को आज भी तम्बुओ में रात गुजरने पड़ते है.गाँव की कहानी और बयां करें उससे पहले उसका नाम बता देते है.मध्य प्रदेश के कटनी की परेवागर गाँव की ये दास्ता है.इस गाँव में जितने भी परिवार है.सब भिखारी है.फकीर है.और कोई इनकी खबर लेने वाला नहीं है.गाँव की अनार बाई के मुताबिक चुनाव के वक़्त नेता इनसे हर समस्या से निजात दिलाने का वादा करते है.पर जीत जाने के बाद वादा भूल जाते है.तमाम तरह के असुविधा के बावजूद यहाँ के लोग खुश रहते है.गाँव में हर जाति के लोग रहते है.लेकिन उनके बीच मज़हब और अमीरी गरीबी का भेदभाव नहीं है.सबके घर में भीख मांगने के बाद ही चूल्हा जलता है.इनकी हालत सुन हम और आप भले ही दुखी हो.पर वहां के लोगो के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहता है.गाँव में विकास की रौशनी नहीं पहुची तो विकास की बात करना बेमानी लगता है.फिर भी गाँव का महबूब अपने घर में हर सुविधा रखे है.मसलन टी .वी.,मोबाईल,सी.डी. जब भी गाँव वाले एक साथ बैठते है.मनोरंजन का दौर चल पड़ता है.हालाकि गाँव की रंजीता कहती है कि.जो जिंदगी वो जी रही है.वैसी जिंदगी उसके बच्चे न जिए.पर अफ़सोस की संसाधन के आभाव में गाँव का हर बच्चा भीख मांगने को मजबूर है.सोनू ने बताया कि वो पढाई करना चाहता है.लेकिन अगर वो स्कूल जायेगा तो फिर रात को उसे भूखे सोना पड़ेगा.यानि सबके सब हालत के आगे बेबस है.ज़रा याद कीजिये जब मुंबई कि धारावी पर फिल्म सलाम्डोग मिलेनायर बनी थी.उस वक़्त हमारे नेताओ ने कैसे हल्ला मचाया था कि.फिल्म में भारत की गलत तस्वीर पेश की गई है.लेकिन इस गाँव के बारे में क्या कहेंगे हमारे सफेदपोश.धारावी में रहने वालो को बिजली तो नसीब होती है.पर यहाँ के लोगो को तो आज भी लालटेन युग में जीना पड़ रहा है.एक तरफ तो हम विकसित देश होने का सपना संजो रहे है.वही दूसरी ओर इस गाँव की कहानी उन सपनो को मुह चिढ़ा रही है.कोई बताएगा कि.विकसित हो जाने के पहले क्या परेवागर गाँव की सूरत और सिरत बदल जाएगी?.

2 comments:

  1. Kya khub likha hai..............
    aaj ke bhag daod ki jindgi me ye sab bhi hota hai ki
    pura ka pura gaon bhikhariyo ka .........
    badiya hai........
    aasha hai ki aap isi tarah kuch nayi bato se rubru karanyege.......

    ReplyDelete
  2. awesome raj sir...but... kash.... safed libaas me lipte...apne gharon me angreji sharab gatakne... aur murge ki tang todne wale bhediye bhi isse sun sakte...

    ReplyDelete