Sunday, October 17, 2010

मकसद छुट गया पीछे




नाक्सालियो की बातो पर गौर करें तो लगता है की वे ही आदिवाशियो के सबसे बड़े परोकर है.पर खुनी तांडव देकने क बाद लगता है की सामंतवाद,पूजीवाद और सामाजिक असमानता को मिटने के टारगे पर बनाया गया ये विचार या यु कहें की नाक्साली अभियान का मकसद शायद खुद नाक्सालियो के पनाह गाह बने घने जंगलो की अंजन सी राहों में खो गई है.

Thursday, October 7, 2010

गाँधी फॅमिली का लव affiar




कहते है प्यार के बिना फनकार अधुरा रहता है.लकिन कहने वाले ये भी कहते है.प्यार के बिना हर इंसान अधुरा रहता है.कुछ ऐसा ही है गाँधी परिवार में.इस हिघ्प्रोफिले फॅमिली का प्यार से काफी लगाव है.इंदिरा गाँधी को विदेश में इंडियन फ़िरोज़ गाँधी से प्यार हुआ.जब इंदिरा ऑक्सफोर्ड में पढ़ती थी.दोनों ने १९४२ में शादी कर ली.फिर इनके बड़े बेटे राजीव को विदेश में ही इटली की सोनिया से लव हुआ.राजीव उस वक़्त काम्ब्रिजे के ट्रिनिटी कॉलेज में पड़ते थे.और दोनों ने १९६८ में शादी की.इसके बाद बरी आई संजय की .संजय को मॉडल मेनका से प्यार हुआ.इस प्यार में खास बात ये थी की.मेनका उस समय नाबालिग थी.यानि १७ साल की.१ साल बाद दोनों ने शादी कर ली.अब बरी है इनके बेटा-बेटी की.राजीव की बेटी प्रियंका को रोबेर्ट से प्यार हुआ.दोनों की शादी की.अब संजय के बेटे वरुण को बंगाली बाला यामिनी से प्यार हुआ है.दोनों जल्द शादी करेंगे.राहुल पर सुस्पेंस बरकरार है.

सफेदपोशो का असली चेरा

बिहार इलेक्शन में जो सब हो रहा है टिकेट बटने क बाद उससे जाहिर हो गया है की हमरे नेता कैसे है.क्या चुनाव लड़कर ही जनता की सेवा हो सकती है.या फिर टिकेट स्टातेस सिम्ब्ले बन गया है।